Saturday April 21, 2018
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नन्दा देवी राजजात के पड़ाव - छठा पड़ाव - कोटी से भगोती

Vinay Kumar DograAugust 23, 2014 | पर्व तथा परम्परा

नन्दा देवी राजजात के पड़ाव - छठा पड़ाव - कोटी से भगोती
आज २३-अगस्त-२०१४ को श्री नन्दादेवी राजजात कोटी से भगोती के लिए रवाना होगी। भगोती जाते हुए रास्ते में घतोड़ा गांव पड़ता है। यहां पर खेतों में दैत्यों का का मल्लयुद्ध होता है। इस युद्ध को देखने के लिये सम्पूर्ण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। यहां पर विशाल मेला लग जाता है। कोटी से घतोड़ा के ऊपर नौलापानी तक खड़ी चढ़ाई और जंगल है। घतोड़ा, वम्याला, कण्डवालगाँव, चैंरीखाल में कण्डवाल गाँव, छैंकुड़ा, मनोड़ा की छंतोलियाँ इस यात्रा में शामिल होती हैं। भगोती को मायके क्षेत्र का अन्तिम पड़ाव माना जाता है। इसके बाद अगला पड़ाव कुलसारी ससुराल क्षेत्र का शुरू हो जाता है। भगवती के नाम से ही इस गांव का नाम भगोती पड़ा। यहाँ पर नन्दादेवी का प्राचीन मन्दिर है। सिलोड़ी ब्राह्मण उसके पुजारी हैं। यहां पर शिवालय एवं केदारू देवता के मन्दिर भी हैं। यहां से केदारू देवता की छंतोली भी यात्रा में शामिल होती हैं। गाँव के उपर गुरूगढ़ी है।

 

लेख साभार : श्री नन्दकिशोर हटवाल



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